मामा की लड़की की चुदाई - 2 - Antarvasna Story








पिछला भाग पड़े तो कहानी समझ आएगी!





वो थोड़ा घबराई ओर कहा किसी को पता चल गया तो?





मैंने कहा किसी को भी पता नही चलेगा!





तुम किसी को बताओगे?





सोना ने कहा नही !!!





तो मैंने कहा छु कर देखु!





सोना : हा देखलो!





मैंने धीरे से उसके बूब्स बाहर से दबाए मेरे हाथ कांप रहे थे दड़कने तेज थी!





मैन कहा ये तो सच में बहुत बड़े हैं!





मैंने कहा तुम मेरा छू कर देखोगी?





उसने कहा नही मुझे डर लग रहा!





मैंने कहा हम दोनों के सिवा कोई नही हैं!





उसने कहा ठीक हैँ ओर धीरे से मेरे लंड को पकड़ा और सहला कर बोली ये तो बहुत मोटा हैं!





मैंने कहा हा हम रुके नहीं ओर मैंने धीरे धीरे उसका टॉप उठा दिया और अंदर से बूब्स दबाने लगा!





आह क्या मखमल के गद्दे जैसे मुलायम थे उसके बूब्स!





मैंने उसके निप्पल रगड़े उसके मुह से इससस्स ममममम आह की सिसकारियां निकलने लगी!





उसने भी धीरे से पाजामे मैं हाथ डाला और अंदर लंड पकड़ लिया!





मैं उसकी चुचिया बीचता ओर वो मेरी लंड को उपर नीचे करने लगी!





थोड़ी देर तक बस ऐसी चलता रहा और मैंने लन्ड पूरा बाहर निकाल दिया ओर उसका पजामा भी उतार दिया!





मैंने उसकी चूत को सहलाया वो उचक रही थी मानो छूट बहुत मुलायम हो उसकी!





उसकी चूत बहुत टाइट थी तो मैंने उंगली अंदर डाली और अंदर बाहर करने लगा और मेरे लन्ड को जोर से हिलाने लगी!





थोड़ी देर ऐसा चलता रहा और जब मेरा झड़ने वाला था मैंने उसके होंठों को चूम लिया और थोड़ी देर बाद वो भी साथ देने लगी!





कुछ देर बाद मेरा झड़ने वाला था तो मैंने वापिस लंड को कच्छे में दाल दिया और सारा माल कच्चे में झड़ गया!









मैं उसके हाथ पर नही झड़ना चाहता था इसीलिए मैंने ऐसा किया उसकी भी चूत गीली हो चुकी थी!





हम दोनों गरम हो गए ओर गहरी सांस ले रहे थे और कुछ देर बाद एक दूसरे से चिपक कर सो गए!





सुबह उठे तो वो जा चुकी थी मुझे थोड़ी चिंता हुई मैंने सोचा शायद उसे अच्छा नही लग रहा होगा!





में नहाने धोने गया फ्रेश होकर खाने बैठा पर वो मुझे नही दिखी !





मैंने पूछा तो पता चला वो मार्किट जा रखी हैं ओर वंहा से किसी रिश्तेदार से मिलकर रात को आएंगे!





ये सब सुनकर थोड़ा सुकून मिला पर फिर भी अच्छा सा नही लग रहा था!





रात के 10 बज चुके थे हमने खाना खा लिया था वो अब जाकर घर आये!





मैंने सोना को नाराजगी वाले चेहरे से देखा और अपने कमरे में जाकर सो गया!





पता नही मैंने ऐसा क्यों किया पर उस समय यही सही लगा!





आधे घण्टे बाद सोना ओर चाची मेरे कमरे में आई और कहने लगी रोहित सुबह से तेरे बारे में पूछ रहा था शायद बेचारे का मन नही लगा!









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मैं सब सुन रहा था और सोना को ये बात पता थी मैं सोया नहीं!





फिर चाची ने कहा तू यही सोजा वैसे भी दूसरे कमरे में जगह नही होती तेरे लिए!





फिर वो चली गई और सोना ने दरवाजा बंद किया और  कपड़े बदल रही थी !





मैंने एकदम से उठकर उसे देखा और वो शर्मा कर बोली तुम soye नही!





वो ब्रा में थी तो मैंने कहा जानकर अनजान मत बनो तुन्हें पता हैं मैं उठा हुआ था!





सोना ने कहा तो सो जाओ किसके लिए जागे हुए हो और कपड़े बदल कर दूसरे बेड पर सो गयी!





मुझे लगा सोना मेरे साथ सोएगी पर वो दूसरे बेड पर सो गई जिसके मतलब उसे वो सब पसंद नही आया!





मैं मुह बनाकर दूसरी तरफ मुह करके गुस्से से सो गया!





मैंने बोला कोई बात हुईं है क्या जिससे नाराज हो?





सोना ने कहा नहीं!





मैंने कहा फिर?





उसने कहा क्या फिर?





मुझे गुस्सा आ गया मैंने कहा कुछ नही माफ करदेना कुछ गलती हुई तो!





ओर दूसरी तरह मुँह करके सो गया!





कुछ देर बाद वो मेरे बेड पर आ गई मेरे कमर पर हाथ रख ओर गर्दन पर किस कर दिया!





मै हैरान था कि अब इसे क्या हुआ?





वो बोली अरे भैया मजाक कर रही थी आप इतना गुस्सा हो गए!









आप सुबह से मुझे डुंड रहे थे मुझे पता न पर मैं क्या करती ममी ने सुबह जल्दी उठा दिया और फिर हम चले गए!





मैंने सोचा थोड़ा चिढ़ाती हूँ तुम्हे लेकिन तुम तो बुरा मान गए!





मैं उसकी तरफ मुड़ा ओर कहा कि मुझे लगा तुम्हे वो सब अच्छा नही लगा इसीलिए तुम मुझे इगनोर कर रहे थे!





उसने कहा ऐसा होता तो तुम्हारे बेड पर क्यों होती!





फिर हम दोनों मुस्कुराये ओर फिरसे एक दूसरे को चूमने लगे और फिरसे हाथ एक दूसरे की चड्डी में गया और निजी अंगों को सहलाने लगा!





अब ये हर रात होने लगा हम इससे आगे नही बढ़े क्योंकि शायद तयार नही थे!





एक रात मौसम सुहाना था हम यही सब कर रहे थे अब तो हम पूरा कपड़े उतार कर करते थे!





बस उस रात मैंने उसकी चूत में लंड ऊपर से रगड़ रहा था!





मैंने हल्का सा अंदर उसने मना करदिया की अभी ये सब नही वो त्यार नही हैं!





मैंने कहा कोई बात नही  नही कर रहे फिर वो मुझे चूमने लगी ताकि मैं बुरा न मानु!





पर इसमें बुरा मानने जैसा कुछ था ही नही लड़की की मन नही है तो नही करना!





उस रात भी ऐसे ही मुठ मार्के सो गए दिक्कत सुबह होती थी कच्छे साफ करने में!





खेर मैं मार्किट गया और वंहा केमिस्ट की शॉप से ब्रश ले रहा था तभी वंहा मुझे स्ट्राबेरी ओर चॉकलेट फ्लेवर वाले कंडोम दिखे!





उसे चॉकलेट बहुत पसंद थी तो मैंने चॉक्लेट फ्लेवर कंडोम ले आया!





सुहाना मौसम चल ही रहा था उस रात मस्त बारिश हो गयी और हम दोनों मूड में थे!





मैंने उसे कंडोम दिखाया वो बड़ी उतावली हो गयी कि इसे पहनते कैसे हैं ये कैसे करते वो कैसे करते हैं!





मैंने कहा अभी नही रात को पहनूंगा उसने कहा ठीक हैं!





सब सो गए थे बारिश बहुत तेज हो रही थी ठंड हो गयी थी !










हम दोनों के बेड पर एक दूसरे की जीभ चूस रहे थे! कुछ देर बाद मैंने उसे कंडोम दिखाया और कहा ये देखो ऐसा होता हैं!





उसने कहा पहन कर दिखाओ हमने मोबाइल की फ़्लैश लाइट जला रखी थी!





उसने बोला अब इसे पहनते कैसे हैं ये तो बहुत छोटा हैं और तुम्हारा तो बड़ा हैं!





मैंने हसकर कहा अभी जादू दिखता हूँ!





मैंने कंडोम अपने लंड पर चढ़ाया और उसे दिखाया!





वो बोली अरे ये स्ट्रेचेबल होता है मतलब पूरा खींच जाता हैं!





मैंने कहा हां!





उसने कहा चॉक्लेट की खुसबू आ रही हैं!





मैंने कहा चखना चाओगे? वो समज गयी पर फिर भी पूछा मतलब!





मैंने कहा टेस्ट कर के देखो ? उसने कहा नहीं नहीं यार पर उसने हाथ में कंडोम चढ़ा मेरा लंड पकड़ा!





धीरे से मुँह कंडोम की तरफ लेकर आयी और फिर वापिस ले गयी की नहीं यार मुझसे नहीं होगा!





फिर मैंने सोचा अभी वो ठंडी पड़ी हैं गरम हो जाएगी तो सब करेगी!





बारिश तेज हो रही थी बिजली भी कड़क रही थी मैंने उसको खड़ा किया!





उसकी टीशर्ट उतारी और उसने मेरी शर्ट उतारी!





मैंने उसका पजामा उतारा और ब्रा और पैंटी में उसे चूमने लगा!





पजामा मेरा उतरा ही हुआ था और कंडोम मैंने चढ़ा रखा था!





मैंने उसकी गर्दन चूमि और जोर से कटा और चूसने लगा!





जंहा मैं काटकर चूसना वंहा लाल निशान पड़ जाता था!





धीरे से उसकी ब्रा उतारी और पैंटी भी सरका कर उतार दी!





आज हम फुल जोश में थे मैंने उसकी गोल पिछवाड़े पर जोर से काटा!





फिर उसकी चूत पर जीभ फेरी ये मैंने पहली बार किया था उसके साथ!





वो तो पागल हो गयी उसे हद से ज्यादा मजे आने लगे वो कहने लगी रोहित भाई करते जाओ रुको मत अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह!





मैंने उसे अच्छे से गरम कर दिया था उसे लिटा दिया और उसके मुँह में कंडोम चढ़ा हुआ लंड देदिया!










इस बार उसने मना नहीं किया सीधा मुँह में ले गयी और अच्छे से चूसने लगी!





उसको चॉक्लेट का टेस्ट आ रहा था उसने बोला मैंने ये पहली बार मुँह में लिया हैं!





मैंने कहा मैंने भी पहली बार चाटी हैं!





उसने कहा पर मुझे मजा आया और मैंने कहा मुझे भी!





मैंने उसकी टाँगे चौड़ी करी और लंड उसकी चूत पर रगड़ा!





वो डरी हुई थी की दर्द तो नहीं होगा न तो मैंने उसे शांत करने के लिए उसके बूब्स दबाने लगा!





मैंने उसके निप्पल गीले कर दिए चूसकर अब वो मदहोश हो गयी!





मैंने उसकी मदहोशी में धीरे से लंड चूत में डाल दिया और उसकी दर्द भरी आवाज निकली उह्ह्ह्ह भैया दर्द हो रहा!





मैंने फिर बहार निकाला और धीरे धीरे अंदर बहार करने लगा!





शुरू में उसे दर्द हुआ फिर धीरे धीरे उसे किस करके उसके बूब्स दबाकर और चूत को सहलाकर उसे मजा दिलाया!





उसके बाद उसे सेक्स में भी मजा आने लगा, वो कहती रही करते जाओ पर धीरे करना मजा आ रहा हैं!





मैंने धीरे धीरे उसे चोदता रहा और ये चुदाई काफी लम्बी चली!





हम दोनों ठंडे मौसम में भी गर्मी महसूस कर रहे थे!





शरीर से पसीना आ रहा था और आखिर में मैंने चुदाई तेजी से करना शुरू कर दिया!





उसने कहा भैया नहीं प्लीज धीरे आयी आईइइइइइइ मम्मी मर गयी और चोदते चोदते आखिर मेरा झड़ गया!





उसके आंसू आ गए थे मैंने उसे सॉरी बोला उसने कहा आप बहुत गंदे हो!





मैंने कहा गंदा तो हूँ पर ये बताओ मजा आया न ?





उसने कहा हां मजा तो आया पर अगली बार धीरे करना बस कुछ देर बाद बारिश रुक गयी और हम नंगे ही सो गए चिपक कर!





उसके बाद जो हमने उछल उछल कर चुदाई करि मजा ही आ गया!





दोस्तों ये थी मेरी कहानी उम्मीद हैं आपको पसंद आयी होगी!







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