ट्यूशन की प्यास और आंटी का चस्का Real tuition teacher story
Real tuition teacher story ट्यूशन जाने की उमर वो उमर होती है, जब लंड में सबसे ज्यादा गर्मी होती है और उस उमर में समझ में नहीं आता कि लंड की आग को शांत कैसे करें । दिन में मुठ मार-मार कर लंड को शांत करने की कोशिश करते हैं लेकिन लंड अपनी चरम मस्ती में होता है । अगर ऐसी उमर में कोई पेलने के लिए मिल जाए तो मजा ही आ जाए । गणित हमेशा मुझे परेशान करता था और मैं हमेशा उसमें कम नंबर लेकर आता था । मैं 10वीं में था, पापा ने मेरे लिए गणित की ट्यूशन ढूंढ ली ।
दो बिल़्डिंग छोड़ कर सुमिता आंटी गणित पढ़ाती थी और उनका नाम हर जगह फैला हुआ था । पापा सुमिता आंटी का नाम सुनकर मुझे उनके पास लेकर चले गए । सिर्फ 6 महिने बचे थे और गणित की पूरी किताब खतम करनी थी । पापा चाहते थे कि बस 10वीं पास हो जाए, उसके बाद तो आर्ट्स लेकर पढा़ई कर लेगा । मैं भी गणित से छुटकारा पाने का पूरा मन बना चूका था और बस जैसे-तैसे गणित को निपटाना चाहता था । सुमिता आंटी के पास बहुत से बच्चे आते थे और वो सभी पास भी हो जाते थे इसलिए पूरे इलाके में उनकी होम ट्यूशन बहुत फेमस थी । पापा मुझे लेकर सुमिता आंटी के घर चले गए और जब हम दोनों वहाँ पहुंचे तो हम दोनों ही सुमिता आंटी को देखते ही रह गए ।
सुमिता आंटी ने छोटा काला ब्लाउज पहना हुआ था, हरी साड़ी में थी,
उनको देखकर पापा और मेरी आंखें फटी की फटी रह गई । आंटी बहुत खूबसूरत और चिकनी थी । आंटी का बदन जैसे संगमरमर से तराशा हो और आंटी के होंठ इतने गुलाबी थे जैसे सेब होता है । आंटी ने साड़ी पहनी हुई थी और साड़ी का ब्लाउज छोटा था जिसमें आंटी की गोरी बाहें और गला दिख रहा था । इतना ही नहीं आंटी की नाभि भी साफ-साफ नजर आ रही थी और अब आंटी हमें दीवना कर रही थी ।
कुछ देर तो बस मैं और पापा आंटी को निहारते रहे लेकिन जब लगा कि थोड़ा अजीब है तो हमने ताड़ना छोड़ दिया । आंटी शायद समझ चुकी थी क्योंकि हम अकेले नहीं थी जो ऐसा कर रहे थे, वहां आए हुए दूसरे लोग और पढ़ रहे बच्चे भी आंटी को ऐसे ही देख रहे थे । अब मुझे समझ आया कि यहाँ लड़कों की इतनी भीड़ क्यों है और आंटी के पास ज्यादातर लड़के ही पढ़ने आया करते थे ।
खैर, आंटी के पास पापा मुझे लेक पहुंचे और थोड़े हिचकिचाते हुए बोले- मैडम, ये मेरा लड़का है, गणित में बहुत कमजोर है, बाकी सब्जेक्ट तो ठीक है पर गणित में बड़ी मुश्किल से पास होता है । 10वीं के पेपर में किसी तरह पास हो जाए, उसके बाद मुझे चिंता नहीं ।
आंटी – तो क्या सिर्फ 6 महीनों के लिए ट्यूशन लगाओगे ।
पापा – हां, उसके बाद तो इसे आर्ट्स लेनी है, फिर चिंता नहीं है ।
ये सुनकर आंटी के चेहरे पर थोड़ी उदासी आई फिर आंटी ने कहा – ऐसा नहीं है ।
कुछ भी चलेगा, नंबर तो अच्छे चाहिए वरना आगे दिक्कत हो जाएगी।
मैं समझ नहीं पा रहा था कि आंटी ट्यूशन पर इतना जोर क्यों दे रही है ।
पापा ने पैसे की बात कि तो आंटी ने कहा – पैसे की ज़रूरत भी नहीं है, 6 महीने की बात है । पापा बड़े प्रभावित हुए लेकिन मुझे दाल में कुछ काला नज़र आ रहा था ।
मैं अपना दिमाग उलटा चलाता हूं इसलिए आंटी की बातें मुझे कुछ हज़म नहीं हो रही थीं ।
फीस के लिए मना करने के बाद यह तय हो गया कि मैं आंटी के पास ट्यूशन पढूंगा । आंटी बहुत खुश हुईं और मुझे कल से ही आने के लिए कह दिया गया । आंटि ने मुझे सुबह 9 बजे वाले बैच में आने के लिए कहा था ।
अगले दिन मैं सुबह 9 बजे आंटी के ट्यूशन पहुंचा तो मैंने देखा एक हॉट लड़की पहले से वहां बैठी हुई थी । उसका बदन जैसे गुलाब की तरह मुलायम और उसके चूचों की क्या बात कहूं, ऐसा लगा कि चूस लूं, रगड़ दूं इन्हें । खैर मैं सीट पर बैठा और मैंने कहा – हाय, मेरा नाम रोहित है ।
उसने जवाब दिया – हाय, पर अपना नाम नहीं बताया । Real tuition teacher story
लड़की जितनी घमंडी हो उसकी चूत मारने में मज़ा भी उतना ही आता है और उसकी इस हरकत ने मुझे उसकी ओर खींच लिया । अब मेरा एक ही मकसद था किसी भी तरह पटाकर रूबी की चूत मारनी थी । खैर, तभी आंटी आ गई, आंटी ने काला ब्लाउज और काली साड़ी पहनी हुई थी । ब्लाउज इतना छोटा था कि आंटी के चूचे बाहर को झांक रहे थे, आंटी की बाहें और ब्रा साफ नज़र आ रही थी । आंटी ने होठों पर गुलाबी लिपस्टिक लगाई हुई थी जो आंटी की ओर सबको खींची जा रही थी ।
आंटि की गोरी गोरी नाभि इतनी जबरदस्त थी कि मन कर रहा था अभी चूम लूं और ब्लाउज फाड़ के चूचों को चूस लूं । ब्लाउज चूचों पर इतना टाइट हो चुका था कि चूचों का आकार और निप्पल का छाप नज़र आ रही थी । आंटी की गांड इतनी मोटी और मुलायम थी जिस पर लगातार थप्पड़ भी मारे जाएँ तो लाल न हो । आंटी अपनी पूरी मस्ती में थी । मन तो कर रहा था कि बोल दूं – कि मुझे आपकी चूत चाटनी है चाहे बदले में आप कुछ भी ले लें ।
मैं दिनभर बस यही सोचकर अपने लंड को हिलाता रहता था कि जिसका बदन इतना गोरा और होंठ इतने गुलाबी हैं,
उसकी चूत कितनी मुलायम और गुलाबी होगी और अगर मुझे आंटी ने चूत दे दी तो मेरे लंड की पूरी गर्मी उतर सकती है । मैं आंटी के हुस्न पर पूरी तरह फिदा हो चुका था लेकिन आंटी से पहले मैं साथ बैठी अकड़ दिखा रही रूबी की चूत मारने की ठान चुका था इसलिए मैंने फौरन नजर नीचे कर दीं और किताब की ओर देखने लगा ।
मुझे पता था कि रूबी मुझे देख रही है और जब मैंने नजर झुकाई तो वह कुछ हद तक इम्प्रेस हुई । उसे लगा कि ये लड़का अलग है । खैर आंटी ने पढ़ना शुरू किया । आंटी जैसे की कुर्सी पर बैठी आंटी के चूचे ब्लाउज से लटक गए और चूचियों की गहराई नजर आने लगी । ट्यूशन खतम होते ही हम सब घर चले गए और मैं बाथरूम में आंटी के चूचों और गांड को याद करके मुठ मार रहा था । अब ये रोज़ की बात हो गई थी, आंटी रोज़ ऐसे-ऐसे कपड़े पहन कर आती थी कि इमान डोल जाता था लेकिन मेरा पहला निशाना रूबी थी । धीरे-धीरे किसी न किसी बहाने से मैं रूबी के पास जाने और उससे बात करने का मौका नहीं चूकता था ।
कुछ दिनों के बाद एक दिन मैं आंटी के चूचों को निहार रहा था तभी रूबी मुझसे बोली – सुन, ट्यूशन वाली आंटी पढ़ाती तो ठीक है लेकिन कपड़े बहुत अजीब पहनती है, है न ?
मैंने फौरन कहा – हां, लेकिन क्या करें, कुछ बोल भी तो नहीं सकते और मैं सिर्फ 6 महीने के लिए यहाँ आया हूं, फिर चला जाऊंगा ।
ये लाइन मैंने जानबूझ कर बोली क्योंकि मैं देखना चाहता था कि क्या रूबी उसमें दिलचस्पी लेती है और वही हुआ, रूबी उसमें दिलचस्पी लेने के लिए पूरी तरह तैयार थी और बोल पड़ी – क्या सिर्फ 6 महिने क्यों ?
मैं समझ गया कि मेरा तीर निशाने पर लगा है और मैंने कहा कि – गणित को छोड़कर बाकी सब्जेक्ट में मैं ठीक हूं और बस एक बार 10वीं निकाल दूं तो उसके बाद आर्ट्स लेकर मजे करूंगा ।
रूबी थोड़ी देर रूकी और बोली – ट्यूशन खत्म होने के बाद मिलना, मैं तुमसे कुछ कहना चाहती हूं ।
मैंने कहा – ठीक है ।
ट्यूशन खत्म हुआ और रूबी मुझे लेकर एक पार्क में गई जो ट्यूशन के पास ही था । मैने कहा – कुछ कहोगी या पार्क में घूमते ही रहेंगे ।
रूबी ने कहा – क्यों अच्छा नहीं लग रहा क्या ? Real tuition teacher story
मैंने कहा – नहीं, ऐसी बात नहीं है, ठीक है लेकिन घर भी तो जाना है, देर हो रही है ।
मुझे घर जाकर आंटी के नाम की मुट्ठी मारनी थी क्योंकि मैं आंटी का दिवाना हो चुका था, आंटी का कसा हुआ जिस्म मुझे उनके नाम की मुठ मारने के लिए बैचेन कर देता था ।
रूबी ने कहा – आओ वहां बैठते हैं और रूबी मुझे एक पेड़ के पीछे लगी सीट की तरफ लेकर गई । मैं समझ रहा था कि वो मुझसे रिलेशन के लिए पूछना चाहती है ।
मैंने कहा – लो बैठ गए, अब बोलो क्या बात है ?
रूबी ने कहा – मैं जानती हूं कि मैंने तुमसे सख्त लहजे में बात की लेकिन ये ज़रूरी था । क्योंकि मैं इतनी जल्दी किसी भी अनजाने के बात नहीं करती ।
मैंने कहा – कोई बात नहीं, ठीक है पर क्या ये कहने के लिए लेकर आई हो ।
रूबी ने कहा – शायद मैं तुम्हें पसंद करती हूं, क्या हम दोनों रिलेशन में आ सकते हैं ।
मै अंदर ही अंदर बहुत खुश हुआ लेकिन मां कसम बाहर से मैंने ये खुशी ज़ाहिर ही नहीं होने दी ।
मैंने कहा – ओ, अच्छा, क्या मुझे थोड़ा वक्त दे सकती हो, सोचने के लिए ?
इतना सुनते ही रूबी मेरी ओर बढ़ी और मेरे होठों को अपने होठों से रगड़ दिया और मुझे चूमने लगी ।
रुबी ने मेरे होंठ, गाल, गर्दन को इस तरह चूमा जैसे वो अपनी पुरानी हवस को मिटा रही हो । चूमते-चूमते रूबी ने मेरे कान और होंठ को अपने दांतों से काट दिया और अपना हाथ से मेरे लंड को जींस के बाहर से सहलाने लगी । Real tuition teacher story
रूबी का ये अंदाज मुझे दिवाना कर कर गया मैंने उसे बालों से पकड़ा और फौरन अपनी पैंट की चेन खोल दी । रूबी ने अंदर हाथ डाल दिया और लंड पकड़ लिया । मेरा लंड गरम तवे की तरह तप रहा था और पूरी तरह टाइट हो गया था । रूबी ने जैसे ही हाथ में लंड को पकड़ा वो बहुत बेचैन हो उठी ।
वो मेरे लंड को ऐसे रगड़ रही थी जैसे उसे कईं वक्त से अपनी खुजली मिटाने हो ।
रूबी ने मेरे लंड को बाहर निकाला और मेरा लंड मुंह में ले लिया और चूसने लगी । उसने मेरे लंड के टोपे को खोल दिया और अपनी जीभ से वो लंड को ऐसे चाट रही थी जैसे कोई लॉलीपॉप चाटता है और थोड़ी देर बाद उसने लॉलीपॉप की तरह मेरा लंड मुंह के अंदर ले लिया और लंड चूसने लगी । रूबी मुझे वो सुख दे रही थी जिसकी तमन्ना मैं काफी वक्त से कर रहा था । मैंने फौरन जेब से फोन निकाला और अपने दोस्त ध्रुव को फोन किया और उससे उसके कमरे की चाबी के लिए कहा ।
उसने फौरन मुझे हां कर दी । मैं आज रूबी की चूत को वो अहसास देना चाहता था जो रूबी कभी न भूले । मैं जानता था कि ऐसे मौके बार-बार नहीं आते । थोड़ी देर तक लंड को अच्छी तरह चूसने के बाद मेरे लंड से पच…..पच….पच करके पानी निकला जिसे रूबी ने अपने मुंह में झाड़ लिया । वो चरमसुख की चाहत में पागल हो चुकी थी । मैंने कहा – चल, तुझे आज जन्नत दिखाता हूं ।
रूबी ने फौरन हां कर दी और मैं रूबी को लेकर दोस्त के किराए वाले कमरे में आ गया । कमरे में घुसते ही मैंने रूबी की टाइट जींस के अंदर हाथ डाल दिया और और उसकी चूत में उंगली करने लगा । मैंने देखा रूबी की चूत पहले से ही गीली हो गई थी, बस, मैं समझ गया कि अब मेरा काम आसान है । मैनें फौरन रूबी के पैंट खोल दी । उसने काले रंग की पैंटी पहनी हुई थी । मैंने पैंटी के अंदर उंगली डाल दी और अपनी उंगली अंदर घुसा दी । Real tuition teacher story
रूबी ने आवाज़ की – आह……ये मत करो प्लीज
लेकिन अब मैं रुकने वाला नहीं था, मैंने उसकी पैंटी खोल दी और उसकी चूत को अपनी दो उंगलियों से रगड़ने लगा । रूबी जैसे मदहोश हो गई, उसे चस्के लगने लगे । आह……….आह…………आ………….आ………मत करो ..प्लीज मत करो…….आ………करो…..और करो…..और तेज…..मेरी चूत फाड़ दो आज । आह…………….
फिर मैंने रूबी की ब्रा खोल दी और उसे बिस्तर पर सीधा लिटा दिया । उसके बाद मैंने अपने तप रहे लंड को रूबी की गरम चूत के अंदर डाल दिया और उसके ऊपर लेट गया । दूसरी तरफ मैंने रूबी के चूचों को अपने मुंह में रख लिया और उसके निप्पल चूसने और काटने लगा । अब नीचे से चूदाई के झटके लग रहे थे और ऊपर से निप्पल चूसने का दर्द । रूबी आह…आह…..कर रही थी और मैं पूरी ताकत से उसकी चूदाई कर रहा था । चूदाई करते करते रूबी की चूत से हल्का सा खून आने लगा और रूबी चिल्लाई आह……..बहुत दर्द हो रहा है प्लीज रोक दो । Real tuition teacher story
मैं जानता था कि रूबी की चूत की सील टूट चुकी है और अब मज़ा आने वाला है । मैं फौरन चुदाई धीमी कर दी और चूचों को काटने लगा । रूबी मेरे जिस्म को ऐसे चूम रही थी जैसे खा जाएगी । उसके नाखून मेरी पीठ और मेरे सीने को लाल कर रहे थे । लेकिन मैने चूदाई नहीं रोकी । कभी धीरे तो कभी तेज़ । जब भी तेज़ झटका देता रूबी की चीख निकलती – आ….आ…आ…
थोड़ी देर में झड़ने लगा तो मैंने लंड निकाला और रूबी के मुंह में झाड़ दिया ।
रूबी मेरी चुदाई की इस तरह दीवानी हो चुकी थी कि उसने मेरा लंड फिर से अपने मुंह में ले लिया । उसके बाद हम दोनों थोड़ी देर जिस्म की उस गर्मी में अपने बदन को सेंकते रहे । थोड़ी देर बार मैं रूबी को उसके घर तक छोड़ आया । अब मैं आंटी की चूत कि तरफ पूरे मन से फोकस करना चाहता था ।
मैं अगले दिन टाइम से पहले की आंटी के घर पहुंच गया और मैं आंटी से यह कहना चाहता था कि मेरा ट्यूशन टाइम बदल दे क्योंकि रूबी का घमंड उतारने के बाद अब मैं उससे दूर रहना चाहता था । तो मैं वक्त से पहले ही ट्यूशन पहुंच गया । जैसे ही मैं दरवाजे तर पहुंचा मैंने देखा दरवाजा खुला हुआ है । मैं अंदर क्लास समझकर चला गया क्योंकि मुझे आंटी से हर हाल में यह बात करनी थी । मैंने देखा कि पढ़ाई वाले कमरे में कोई नहीं था, मैं वापस जाने लगा तभी मुझे बाथरूम की तरफ से आवाज़ आई —–आ……….आह…………..।
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मैं पीछे के रास्ते बाथरूम की खिड़की की तरफ गया और जाली से अंदर झांका तो मेरे होश उड़ गए । मेरे साथ पढ़ने वाला मेरा दोस्त रिषभ आंटी को लंड पर बैठाकर झटके दे रहा था और आंटी उन झटकों का मज़ा उछल-उछल कर ले रही थी । आंटी के बाल पूरी तरह खुले हुए थे, आंटी ने अपने दोनों हाथों को रिषभ की छाती पर टिकाया हुआ था और ऋषभ अपने दोनों हाथों से आंटी के चूचों को मसल रहा था और लंड की सवारी करवाने के साथ-साथ आंटी को झटकों का मजा दे रहा था । मैं कुछ मायूस हुआ लेकिन इस बात की भी खुशी हुई कि आने वाले 5 महीने में आंटी की चूत कम से कम 50 मार लूंगा ।
आंटी की चुदाई और आंटी की मुलायम चूत मुझे वो मज़ा देने वाली थी जो रूबी कभी नहीं दे सकती थी क्योंकि रूबी के अंदर वो आग नहीं जो एक औरत में होती है और वो भी ट्यूशन आंटी जैसे मस्त औरत । मैनें आंटी को इंस्टाग्राम पर चैक किया और आंटी को रिक्वेस्ट भेज दी । मैनें देखा आंटी ने मेरी रिक्वेस्ट एक्सेप्ट कर ली । आंटी ने अलग-अलग साड़ियों में अपनी फोटो डाली हुई थी और अब वो तस्वीरें मेरे मुठ मारने का ज़रिया बन चुकी थी । मैं आंटी के कसे हुए चूचों को सोच-सोचकर और आंटी की चूत की कल्पना दिन-रात करके मुठ मार रहा था और कमाल की बात ये थी कि मुझे मुठ मारने में मज़ा आ रहा था । Real tuition teacher story
मैं आंटी को याद करके जितनी मुठ मार रहा था, मेरा मन और तेज हो रहा था
जबसे मैनें आंटी को लंड पर उछलते और झटके खाते देखा था, मैं वो चेहरा नही भूल पा रहा था । सच में रिषभ ने तो जन्नत के सैर कर लिए । लेकिन अब मुझे भी यह काम करना था और जल्दी करना था क्योंकि आंटी लगातार चूद रही थी और मैं ये जान चूका था कि उन्हें हर बार नए लंड और झटकों की तलाश थी । अगर रिषभ को बोलूंगा तो मेरा काम खराब हो सकता है इसलिए मैनें किसी से कुछ नहीं कहा, बस जिम जाने लगा । सब्र का फल मीठा भी होता है और कभी-कभी बहुत रसीला भी ।
मैं अपने शरीर पर ध्यान देने लगा और लगातार ध्यान रखने से मैनें 2 महिनों में अपने बदन को ठीक-ठाक कस लिया । अब मेरी छाती और मेरी बाहें फैल चुकी थी और शरीर गठीला हो चुका था । मैनें बस अपनी एक फोटो डाल दी, जिसमें मेरी छाती और मेरी बाहें काफी कसी हुई दिख रही थी । आज तक आंटी ने कभी मुझे न तो मैसेज किया था और न ही मेरी किसी फोटो पर लाइक किया था लेकिन अचानक उसपर आंटी का लाइक आ गया ।
मैनें कुछ नहीं किया, बस जिम जाकर शरीर कसता रहा ।
ट्यूशन में भी मैं चुपचाप जाता और चुपचाप घर आ जाता, अब मैंनें आंटी को देखना भी बंद कर दिया था । मैं जानता था कि मेरी ये सब हरकत आंटी को खुद मेरे करीब लाएगी और अब ऐसा हो रहा था । दरअसल आंटी को ऐसे लड़के ज्यादा पंसद थे जो उनकी तरफ ध्यान नहीं देते थे और जिनका जिस्म कसा हुआ रहता था । धीरे-धीरे आंटी ने मेरी ओर ध्यान देना शुरु कर दिया और अब वो मेरी फोटो पर कमेंट करने लगी ।
मैं चुप था क्योंकि मैं आंटी को अपने पीछे इतना पागल करना चाहता था कि जब मैं उनकी चुदाई करूं वो दीवानी हो जाए और एक बार नहीं बार-बार चुदाई के लिए मेरे पास ही आए और वो दिन आ गया । एक दिन मैं ट्यूशन में था और आंटी चैप्टर पढ़ा रही थी तभी आंटी ने कहा कि मेरे दूसरे कमरे में एक भारी बॉक्स है, बाकि लोग पढ़ाई जारी रखो और रोहित तुम मेरे साथ आओ । मुझे अंदाज़ा भी नहीं था कि अगले 15 मिनट में क्या होने वाला था ।

जैसे ही मैं कमरे में घुसा आंटी ने कमरा बंद कर दिया और अपनी साड़ी का पल्लू हटाकर अपने चूचों को मेरे मुंह में रख दिया ।
मैनें कहा – ये क्या कर रही हो ?
आंटी – आज मेरी खुजली मिटा दे, मैं जानती हूं तू मेरी चूत चाटना चाहता है और अगर आज तूने मेरी प्यास मिटा दी तो तूझे वो मज़ा दूंगी जो तूने कभी सपने में भी नहीं सोचा होगा ।
मैं समझ गया कि आज वो टाइम आ गया, मैनें आंटी का ब्लाउज खींच दिया और ब्लाउज के खींचते ही आंटी का ब्लाउज और ब्रा का हुक टूट गया और आंटी के चूचे बाहर आ गए । मैंने चूचों को ऐसे चूसना शुरु कर दिया जैसे आम चूसते हैं । आंटी की आह…आह…नहीं रुक रही थी और मेरे मुंह से चौप….चौप की आवाज़ पूरे कमरे में गूंज रही थी । मैनें आंटी के चूचों को ऐसे दबाया कि आंटी मदहोश होने लगी । आंटी को दर्द महसूस हो रहा था क्योंकि मैनें आंटी के चूचों को मसलना शुरु कर दिया था । आंटी ने अपने दोनों हाथों को मेरे दोनों हाथों पर लगाया और कहा – हटो, ये मत करो,,,,आहा…..आ………..हटो….मुझे दर्द हो रहा है । आ……आह……….रुक जाओ ……..ऊई माँ…….आ………….. Real tuition teacher story
लेकिन मैं रुकने का नाम नहीं ले रहा था ।
मैनें आंटि की साड़ी उतार दी और आंटी पेटीकोट में आ गई । कमस से मेरा लंड आंटि के जिस्म को देखकर टाइट और गीला होता जा रहा था । आंटी बिस्तर पर लेट गई और मैं आंटी के पेटिकोट को उतारे बिना ही आंटी को चोदना चाहता था । आंटी बिस्तर पर लेट गई और मैं धीरे-धीरे आंटी को नीचे से चूमता हुआ जांघों तक पहुंचा । आंटी ने अपनी आंखें बंद कर ली और बोली – चूत की चटाई ऐसी होनी चाहिए कि पानी निकलना चाहिए ।

मैनें कुछ नहीं कहा और बस जांघों को चूमता,
काटता हुआ पेटिकोट को ऊपर करता हुआ आंटी की चूत तक पहुंच गया । आंटी ने पैटी (panty) नहीं पहनी थी । आज चुदने (chudne) का पूरा मन बनाकर आई थी । आंटी की चूत पर पहुंचकर मैनें आंटी की चूत पर ऊंगली फेरना शुरु कर दिया । आंटी ने आह………..की आवाज की और आंखे बंद कर ली और मदहोश होने को तैयार हो गई ।
मैनें आंटी की चूत को अपनी ऊंगलियों से फैलना शुरू किया और अपनी मुंह से गीला थूक आंटी के चूत पर डाल दिया और अब धीरे-धीरे आंटी की मुलायम गुलाबी चूत चाटने लगा । आंटी ने तकियों को मसलना शुरु कर दिया और आंटी की चूत खुलने लगी । थोड़ी देर चूत को चाटने के बाद मैनें चूत को चूसना शुरु कर दिया । जैसे ही मैं चूत में एक चुस्सा लगाता आंटी मेरे सिर के बालों को खींच देती और अपने दांतों से अपने होंठों को काट देती ।

अब आंटी की चूत गीली हो चूकी थी और आंटी को लंड के झटके चाहिए थे । मैनें मुठ मारना शुरु कर दिया ताकि जब लंड अंदर डालूं तो चुदाई न रूके और जल्दी न झड़े । मुठ को मैनें आंटी के मुंह में झाड़ दिया और उसके बाद मैं आंटी को तेज़ तेज़ झटके देने लगा ।
आंटी मेरे झटकों से वो सुख महसूस कर रही थी जो शायद उसने पहले कभी महसूस नहीं किया था। Real tuition teacher story
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