साली की चुदाई करवाई खुद उसके पति ने-1 Hindi Sex stories New

 दोस्तों मेरा नाम कुणाल है। मैं हरियाणा का रहने वाला हूं। मेरी उमर 35 साल है, और मैं हट्टा-कट्टा हूं। मैं शादी-शुदा हूं, और मेरा लंड 7 इंच का है। मेरी शादी 5 साल पहले हुई थी, और मैंने अपनी खूबसूरत बीवी को बहुत चोदा। मेरी चुदाई इतनी लंबी चलती थी कि मेरी बीवी को मुझसे मिन्नते करनी पड़ती थी मुझे झड़वाने के लिए।

मेरी बीवी की एक बहन और एक भाई है। भाई से तो मैंने क्या लेना है, इसलिए उसके बारे में बात नहीं करूंगा। लेकिन मेरी साली, उसको मैंने कैसे चोदा, यहीं मैं आपको इस कहानी में बताने जा रहा हूं। तो चलिए शुरू करते है, साली की चुदाई की ये हॉट कहानी।

मेरी साली का नाम विद्या है। वो 28 साल की है, और खूबसूरत जिस्म की मालकिन है। उसका रंग गोरा और फिगर 34D-30-36 होगा। हर जीजा की तरह मैं भी शुरू से अपनी साली को देख कर आहें भरता था। ये तो हर जीजा का अधिकार होता है अपनी साली की चुदाई के सपने देखना। लेकिन मेरा सपना सच हो गया।

2 साल पहले मेरी साली की शादी हो गई। मुझे दुख तो हुआ, कि मेरा बिस्तर गरम करने से पहले ही वो किसी और के बिस्तर में चली गई। लेकिन क्या ही कर सकते थे। फिर उसकी शादी के कुछ वक्त बार हम एक कॉमन रिश्तेदार की पार्टी में मिले। वहां मेरी बात अपने साड़ू भाई से हो रही थी। तभी विद्या वहां आई, और उससे कुछ बात करने लगी। वो उससे बड़े रौब से बात कर रही थी, और वो किसी भोले कबूतर की तरह इसका रौब सहन कर रहा था। मुझे ये सब कुछ हजम नहीं हुआ, इसलिए विद्या के जाने के बाद मैंने अपने साड़ू भाई से पूछा-

मैं: अरे साड़ू भाई, ये विद्या कैसे तुमसे बात कर रही थी? और तुम भी चुप-चाप उसकी बात सुन रहे थे।

साड़ू: अरे इतना तो मिया-बीवी में चलता है।

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मैं: अरे ये तो बहुत ज्यादा है। चलो बंद कमरे में फिर भी मान लिया कि चलता होगा। लेकिन ऐसे किसी के सामने, नहीं-नहीं। कुछ करो यार। मेरी बीवी किसी के सामने मुझसे ऐसे बात करती तो सब के सामने उसको थप्पड़ मार देता। चलो मैं तो घर का हूं। इग्नोर कर दूंगा। लेकिन किसी और के सामने तुम्हारी क्या इज़्ज़त रह जाएगी।

मेरी बातें साड़ू भाई को बहुत चुभ गई। उसकी आंखों में आंसू आने लगे। ये देख कर मैंने उससे कहा-

मैं: अरे रोने क्यों लग गए? अगर तुम्हें ठीक है तो मुझे कोई दिक्कत नहीं है।

फिर वो बोला: नहीं भैया, बात वो नहीं है। असल बात ये है कि मैं विद्या को बेडरूम में कभी खुश नहीं कर पाया। जवान होते ही मैंने बहुत मुठ मारनी शुरू कर दी थी, इसलिए लंड कमजोर हो गया। अब ज्यादा देर नहीं टिकता।

मैं: ओह, तो गोली खा कर देख लेते।

वो: भाई सब करके देख लिया। लेकिन कुछ काम नहीं आया। इसलिए वो हमेशा मुझे बेइज्जत करने का मौका ढूंढती रहती है। मैं कुछ कर नहीं सकता, इसीलिए उसकी सुननी पड़ती है।

मैं: ये तो बात काफी गंभीर है। वो भी अपनी जगह गलत नहीं है। ऐसी खूबसूरत लड़की को तो पलंग-तोड़ चुदाई की जरूरत होती है। अब उसकी बहन को ही देख लो। मैंने इतना पेला हुआ उसको कि जी-जी करती फिरती है। इसको भी ऐसे ही पेलना पड़ेगा।

मुझे उसकी प्रॉब्लम मैं अपने लिए साली की चुदाई करने का एक रास्ता नजर आने लगा। इसलिए मैंने उसको बोला-

मैं: अगर कोई चीज तुम्हारे काम नहीं आ रही, तो तुम एक और काम कर सकते हो।

वो: क्या काम?

मैं: किसी और से उसको चुदवा दो, जो उसको खुश कर दे। फिर वो भी खुश, तुम भी खुश।

वो: सच बताऊं तो मैंने भी सोचा था। लेकिन घर की इज्ज़त का सवाल है। अगर वो आदमी ब्लैकमेल करने लग गया तो क्या होगा?

मैं: देखो अगर तुम चाहो तो मैं तुम्हारी मदद कर सकता हूं।

वो: कैसे?

मैं: मैं विद्या को चोद कर संतुष्ट कर सकता हूं। इससे घर की बात घर में ही रह जाएगी। उसका और मेरा मजा भी हो जाएगा। और जब भी उसका दिल करे, मैं उसको चोद दिया करूंगा।

ये सुन कर वो मेरी तरफ हैरानी से देखने लगा और कुछ सोचने लगा।

फिर वो बोला: लेकिन वो अपने जीजू के साथ सेक्स करने को मानेगी?

मैं: हम पहली चुदाई उसको बिन बताए करेंगे। उसके बाद वो खुद ब खुद मान जाएगी।

वो: हां ये हो सकता है। तो कैसे करेंगे?

मैं: तू उसको कहीं घुमाने लेके जा। वहां होटल में रुको। मैं भी वहीं आ जाऊंगा। फिर सेक्स करते हुए उसको ब्लाइंडफोल्ड कर, और घोड़ी बना कर चोद। उसी वक्त मैं कमरे में आ जाऊंगा और तेरी जगह ले लूंगा। बस उसके बाद मैं उसको अपने लंड से वो मजा दूंगा, जिससे उसकी चूत तो क्या उसकी आत्मा भी संतुष्ट हो जाएगी। क्या बोलता है?

वो: सही है भाई। मैं प्रोग्राम बनाता हूं और आपको बताता हूं।

फिर पार्टी से हम कुछ देर बाद अपने-अपने घर के लिए निकल गए। मैं बड़ा एक्साइटेड था कि मुझे अब मेरी सेक्सी साली की चुदाई का मौका मिलेगा। अब बस इंतजार था, तो बस साड़ू के फोन का।

3 दिन बीत गए, लेकिन कोई फोन नहीं आया। फिर चौथे दिन मेरा फोन बजा। मैंने देखा तो साड़ू भाई का फोन था। उसका नाम देखते ही मैं उत्तेजित हो गया। मैंने जल्दी से फोन उठाया और बोला-

मैं: हेलो।

वो: कैसे हो भैया?

मैं: मैं ठीक हूं, तू बता?

वो: मैं भी ठीक हूं। मुझे आपको ये बताना था कि प्रोग्राम बन गया है।

मैं: अच्छा, क्या बना?

वो: हम लोग मनाली जाएंगे अगले हफ्ते। होटल वगैरह की डिटेल्स मैंने आपको व्हाट्सएप कर दी है। आप पहुंच जाना।

मैं: हां तू फिकर मत कर, मैं पहुंच जाऊंगा। और वहां जो होगा, उसके बाद तेरी बीवी तेरी इज़्ज़त करने लगेगी।

वो: शुक्रिया भैया।

मैं: कोई बात नहीं भाई। चल मिलते है मनाली में।

उसी शाम मैंने घर पे ऑफिस के काम का बहाना बनाया और अपना मनाली का टिकट बुक करवा लिया।

अब मनाली में क्या हुआ, ये आपको कहानी के अगले पार्ट में पता चलेगा। यहां तक कि कहानी की फीडबैक authorcrazyfor@gmail.com पर दें।

अगला भाग पढ़े:- साली की चुदाई करवाई खुद उसके पति ने-2

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